हमारे बारे में

महिला सशक्तिकरण की जब भी बात की जाती है, तब सिर्फ राजनीतिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण पर चर्चा होती है.. सामाजिक सशक्तिकरण की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता। महिलाओं का जब तक सामाजिक सशक्तिकरण नहीं होगा, तब तक वह अपने अस्तित्व को जगह नहीं दे पाएंगी। प्रश्न यह है कि इनके अस्तित्व को आवाज कब मिलेगी? इसका जवाब बहुत ही सरल, पर लक्ष्य कठिन है। शिक्षा एक ऐसा कारगर हथियार है, जो सामाजिक विकास की गति को तेज करता है। समानता, स्वतंत्रता के साथ-साथ शिक्षित व्यक्ति अपने अधिकारों का बेहतर उपयोग भी करता है और अपना वजूद बना सकता है। महिलाओं को ऐतिहासिक रूप से शिक्षा से वंचित रखने का षडयंत्र भी इसलिए किया गया कि न वे शिक्षित होंगी और न ही वे अपने अधिकारों की मांग करेंगी, यानी, उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक बनाए रखने में सहुलियत होगी। इसी वजह से महिलाओं में शिक्षा का प्रतिशत आज भी बहुत कम है।

कई सरकारी एवं गैर सरकारी आंकड़ें यह दर्शाते हैं कि महिला साक्षरता दर बहुत कम है और उनके लिए प्राथमिक स्तर पर अभी भी विषम परिस्थितियां हैं। शहरों की अपेक्षा गांवों में प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की स्थिति बदतर है, इसलिए गांवों में बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और समाज में बालिका शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने पर खास जोर देने की जरूरत है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए लाडो सोसायटी प्रयासरत है। लाडो सोसायटी का लक्ष्य है… समाज में बालिका शिक्षा दर को शत प्रतिशत पहुंचाना, उन्हें स्वावलंबी बनाते हुए समाज में बराबरी का दर्जा दिलाना…बालिकाओं के लिए समाज द्वारा स्थापित कुरीतियों को जड़ से समाप्त करना… उनके अस्तित्व को आवाज दिलाना।

संस्था के उद्देश्य

  • महिलाओं को स्वावलंबी बनाना, उनके अस्तित्व की आवाज बनना
  • समाज से अंधविश्वास और कुरीतियां खत्म करना
  • पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करना
  • ग्रामीण विकास के कार्य करना
  • शिक्षा प्रणाली में सुधार करना
  • महिलाओं को कानून संबंधी मदद उपलब्ध कराना, उन्हें उनके अधिकारों की जानकारी देना
  • समाज के हर वर्ग को उचित और सस्ती चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना

लाडो सोसायटी राजस्थान सरकार द्वारा रजिस्टर्ड एक गैर सरकारी संस्था है जो राजस्थान भर में महिलाओं के साथ-साथ समाज के हर जरूरतमंद वर्ग के लिए कार्य कर रही है…
इसका रजिस्ट्रेशन 17 अप्रेल, 2013 को हुआ।

अब तब किए गए कार्य :

  • 5 जून, 2013 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बीकानेर में लाडो संस्था की ओर से सेमिनार का आयोजन किया गया।
  • 31 अगस्त, 2013 को जयपुर के आईसीजी गल्र्स कॉलेज में मुंबई में महिला पत्रकार के साथ हुए दुष्कर्म के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया।
  • 29 सितंबर, 2013 को जयपुर में ‘न होंगे बाल विवाह तो न होगी कोई बाल विधवा’ विषय पर राज्य स्तर की एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में राज्य महिला आयोग अध्यक्ष लाड कुमारी जैन, आईएएस अधिकारी अपर्णा सहाय, ट्रेवल राइटर धर्मेन्द्र कंवर, क्रेयान्स के डायरेक्टर अजय चौपड़ा, वीणा गु्रप के चेयरमैन हेमजीत मालू, आयुषराज कंपनी के एमडी मुकेश अग्रवाल, इंडिया टूडे के असिस्टेंट एडिटर रोहित परिहार सहित राज्य स्तर के विशिष्ठ जन मौजूद थे।
  • हर माह एक हजार रुपए की आर्थिक मदद – भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा ब्लॉक के पंडेर गांव की बाल विधवा सुमन तेली के बैंक अकाउंट में लाडो सोसायटी की ओर से एक हजार रुपए प्रति माह दिए जा रहे हैं। उसकी पढ़ाई जारी रहे और उसकी पढ़ाई के प्रति परिवार की जिम्मेदारी बनी रहे। इसलिए सुमन तेली के नाम यह अनुदान राशि सितंबर 2013 को स्वीकृत की गई थी। यह राशि उसकी बारहवीं की पढ़ाई तक उसे लगातार दी जाएगी।