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ग्रामीण विकास संबंधी कार्य : लाडो आदर्श गांव योजना

‘लाडो’ राजस्थान सरकार द्वारा रजिस्टर्ड एक गैर सरकारी संस्था है जो राजस्थान भर में समाज के हर जरूरतमंद वर्ग के लिए कार्य करती है। इसी क्रम में लाडो संस्थान ने सुनिश्चित किया है कि बून्दी जिले के गांव का विकास किया जाएगा। गांव में किस तरह के विकास कार्यों की जरूरत है, इसके लिए गांव में स्थानीय लोगों के साथ चर्चा की जाएगी और विकास कार्यों के लिए विशेषज्ञों की सहायता ली जाएगी। विकास के लिए प्राथमिकता के विषय होंगे शिक्षा के स्तर को और अधिक ऊंचाई की तरफ ले जाना (सूचना प्रोद्योगिकी, औद्योगिक प्रशिक्षण और स्वरोजगार, कॅरियर गाइडेंस), गांव में पर्यावरण, सफाई व स्वच्छता और विलेज ट्यूरिज्म विकसित करना।

भाग ए

  1. सरपंच, राजकीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक, ग्राम पंचायत के उच्च सरकारी अधिकारी, तहसीलदार और जिला कलेक्टर से मुलाकात।
  2. क्षेत्र के विधायक से मुलाकात और ग्रामीण विकास के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट के लिए सहायता जुटाना।
  3. जिला कलेक्टर से सहायता जुटाना।
  4. स्थानीय ग्रामीणों से सहायता जुटाना।
  5. स्थानीय लोग एवं सरकारी अधिकारी व कर्मचारी को साथ रखते हुए विभिन्न कार्यों को संपूर्ण करने के लिए कमेटी बनाना।

भाग बी

  1. गांव में आईटी सेंटर बनाने के लिए प्रोजेक्ट बनाना और कार्य पूर्ण होने की समय सीमा तय करना (अधिकतम तीन माह)।
  2. गांव में किसानों और भामाशाहों की सहायता से गांव में हरित क्रांति लाने के लिए प्रोजेक्ट बनाना और समय सीमा तय करना।
  3. गांव में पंचायत समिति और स्थानीय लोगों की सहायता से प्राथमिकता पर सफाई कार्य को अंजाम देना।
  4. गांव के विद्यालयों में औद्योगिक शिक्षा, रोजगार व स्वरोजगार योजनाओं के बारे में जानकारी देना।

उपरोक्त कार्यों को पूर्ण करने के लिए विशेषज्ञों और जनसहयोग के स्रोतों को तलाशना और गांव के विकास के लिए बनाए जाने वाले प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए लाडो संस्था प्रतिबद्ध है। लेकिन सफलता के लिए सबके सहयोग की जरूरत है। इस योजना के सफल होने से एक गांव का तो विकास होगा ही साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ग्रामीण विकास का सपना पूरा होने में भी सहयोग मिलेगा। इन सारे विकास कार्यों की पारदर्शी रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाना लाडो संस्था के जिम्मे है।